परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
वरना हम तो हँसना भी सीख गए थे दर्द के साथ।
यु न खिल खिल के हँसा कर उदास लोगो पे ऐ दोस्त,
तुझे देख बिना ये चेहरा खिल नहीं सकता।।
कि अब मैं अपने आप से भी ख़फ़ा रहने लगा हूँ…
तेरे चेहरे की रंगत भी किसी दिन मोहब्बत उड़ा देगी…!
निगाहों में अभी तक कोई चेहरा ही नही आया,
वो कितना अपना था और हम कितने अकेले हैं।
दिल को छू लेने वाली शायरी वह होती है जो किसी के भी दर्द, तन्हाई या इमोशन से जुड़ जाए।
पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ
कील कि तरह सीधे रहोगे तो ठोक दिये जाओगे।
कहते है यूं तो ये शख्स, तजुर्बे से आगे निकल जायेगा…!
वरना “मेरी जान” लगाकर भूल जाने Sad Shayari in Hindi से तो पौधे भी मुर्झा जाते है…!
अजीब मुक़ाम से गुजरा है क़ाफ़िला ज़िंदगी का ,